North India Times
hpgovt_campaign_latest

चिंतपूर्णी मंदिर में दर्शनों के लिए ली जाती है रिश्वत !

1 832

Warning: A non-numeric value encountered in /home/northcyp/public_html/wp-content/themes/publisher1/includes/func-review-rating.php on line 212

Warning: A non-numeric value encountered in /home/northcyp/public_html/wp-content/themes/publisher1/includes/func-review-rating.php on line 213

शिमला: प्रदेश के मंदिरों में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारिओं की तैनाती के साथ-साथ भ्रष्टाचार भी सरकारी दफ़्तरों से चल कर मंदिरों में पहुँच गया है |

पंजाब की एक श्रधालु नीलम शर्मा द्वारा ऊना के पुलिस अधीक्षक को लिखी एक शिकायत के मुताबिक चिंतपूर्णी मंदिर (Chintpurni Temple ) में तैनात पुलिस कर्मचारी, पुजारी और पूजा सामग्री बेचने वाले मिल कर भोले-भाले श्राधालुओं से जल्दी दर्शनों के नाम पर रिश्वत ले रहे हैं जो जिला पुलिस और प्रशासन पर एक कलंक है |

पंजाब के मुक्तसर की रहने वाली नीलम शर्मा ( 35) पिछले 16 वर्षों से चिंतपूर्णी मंदिर में माता के दर्शनों के लिए आती रही हैं| 16 सितंबर को जब वह अपने पति जगदीप कुमार (38) और पुत्री साक्षी (10) के साथ जब दर्शनों के लिए मंदिर परिसर पहुँची तो परिसर में तैनात पुलिस कर्मी ने उनसे जल्दी दर्शन करवाने के 1000 रुपये माँगे | जब उन्होनें रिश्वत नही दी तो पुलिस कर्मी बदतमीज़ी पर उतर आया और यहाँ तक की दर्शनों के वक्त बेटी पूजा को मंदिर से बाहर धकेल दिया | नीलम शर्मा ने शिकायत पुस्तिका माँगी तो उनको नही दी गई और जब पुलिस कंट्रोल रूम में बात की तो शातिर पुलिस कर्मियों ने झूठ-मूठ में किसी आई जी साहब से भी बात करवा दी|

नीलम शर्मा ने मुकतसार से फ़ोन पर North India Times ( नॉर्थ इंडिया टाइम्स) को बताया की 16 सितंबर को दर्शनों के लिए आने वाले सिफारिशी लोगों के कारण दो घंटो में श्रधालुओं की लाइन महज 10  कदम आगे बढ़ी| नीलम शर्मा ने बताया की सुबह 10 बजे लाइन में लगने के बावजूद भी उनकी बारी शाम को 6 बजे आई| जबकि उनके साथ खड़े कई लोग पुलिस कर्मी की हथेली गर्म करके महज आधे घंटे मे ही दर्शन करके वापिस लौट गये |

नीलम शर्मा के मुताबिक रिश्वतखोरी के इस गोरख धंधे में मंदिर के पुजारी, पुलिस कर्मी और पूजा का सामान बेचने वाले दुकानदार शामिल हैं | रिश्वत की पर्चियाँ (500/1000 रुपए ) पूजा सामग्री की दुकानों में रखी जाती हैं और जैसे ही लोग पर्चियाँ खरीदते हैं पुजारी या दुकानदार पुलिस वाले को फ़ोन पर सूचना देते हैं और वह उनको तुरंत बिना लाइन में लगे सीधे मंदिर मे ले जाता है |

नीलम शर्मा के मुताबिक 16 सितंबर के रोज जो पुलिस वाला रिश्वत के पैसे बटोर रहा था वह कोई नेम प्लेट नही पहने था और उसके सिर पर खाकी टोपी थी| मूछों वाले उस सावले रंग के पुलिस कर्मी की बेल्ट का नंबर नीलम नोट नही कर पाईं लेकिन उनके मुताबिक अगर उसे उनके सामने लाया जाए तो वह उसे पहचान लेंगी |

चिंतपूर्णी मंदिर में फैले भ्रष्टाचार से दुखी नीलम शर्मा ने कहा की यदि पुलिस प्रसाशन ने दोषी लोगों के खिलाफ कारवाई नही की तो वह मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से मिल कर शिकायत करेंगी |

गौरतलब है की प्रदेश के मंदिरों मे हर साल करोड़ों रुपए का चढ़ावा चढ़ता है जिसमे से काफ़ी हिस्सा भ्रस्ट अधिकारी, पुजारी और दूसरे लोग हड़प लेते हैं | चढ़ावे की रकम और दूसरी कीमती चीज़ों को गिनते समय मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं | मंदिर परिसरों में विकास कार्यों के नाम पर जम कर हेरा-फेरी की जाती है और सरकार आँखे बंद करके सो रही है |

Tags: Chintpurni Temple, Una, Himachal Pradesh,Corruption,North India Times

1 Comment
  1. deepika arora says

    ishwr ke darshan ke liye bhi rishwt ??? It happens only in india !

Leave A Reply

Your email address will not be published.