शिमला को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाएगी मोनोरेल

  • राज्य सरकार राजधानी शिमला में मोनोरेल चलाने की तैयारी में जुटी
  • स्विजरलैंड की एक कंपनी ने मुख्यमंत्री के सामने दी प्रेजेंटेशन
  • शिमला के आईएसबीटी से पंथाघाटी तक चलेगी मोनोरेल

Representative photoशिमला में भीड़ भाड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा प्रशासन अब राजधानी शिमला में मोनो रेल चलाने की तैयारी में लगा है

इस परियोजना के बाबत शुक्रवार को बकायदा स्विट्जरलैंड की एक कंपनी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सामने अपनी प्रोजेक्ट प्रेजेंटेशन भी दी

14 किलोमीटर के सफर में होंगे 12 स्टॉपेज

योजना के मुताबिक मोनोरेल शिमला के आईएसबीटी से पंथाघाटी तक चलेगी और इस का सफर 14 किलोमीटर लंबा होगा।

शिमला की मोनोरेल के दर्जनभर स्टार्फिश होंगे और यह 14 किलोमीटर की दूरी महज 20 मिनट में तय करेगी।

मोनोरेल एक समय में 1000 यात्रियों को इधर से उधर ले जाने की क्षमता रखेगी।

मजे की बात यह है कि इस मोनोरेल परियोजना के लिए ना केवल बहुत कम जमीन की जरूरत होती है बल्कि राजधानी को अपनी हरियाली भी नहीं गवानी पड़ेगी।

शिमला मोनोरेल के प्रस्तावित स्टॉपेज

शिमला मोनोरेल अपना 14 किलोमीटर का सफर आईएसबीटी यानी टूटी कंडी से शुरू करेगी और उसके बाद एमसी पार्किंग, 103 टनल, विधानसभा ,विक्ट्री टनल ,डीडीयू अस्पताल, लिफ्ट, हिमलैंड, टालेंड , खलीनी ,बीसीएस और कसुम्पटी इसके खास ठहराव होंगे।

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