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सुखबीर बादल और सुमेध सैनी को गिरफ्तार करने की मांग

भगवंत मान ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर तसल्ली तो जताई परंतु चालान पेश करने में दिखाई देरी पर सवाल भी उठाए।

भगवंत मान ने कहा कि एसआईटी की तरफ से दोषियों के तौर पर बादल और सैनी के विरुद्ध चालान पेश करने के उपरांत अब सुखबीर बादल और सैनी का खुला घूमना ठीक नहीं है क्योंकि इन दोनों प्रभावशाली दोषी जांच को प्रभवित कर सकते हैं |

अक्तूबर 2015 में हुई गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं की जांच कर रही विशेष जांच समिति (सिट) ने तत्काली गृह और उप मुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल, तत्कालीन डीजीपी पंजाब सुमेध सिंह सैनी, डेरा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के विरुद्ध साजिशकर्ता के तौर पर चालान पेश करने के मद्देनजर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के प्रधान और संसद भगवंत मान ने मांग की है कि सुखबीर सिंह बादल और सुमेध सैनी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।

भगवंत मान ने कहा कि एसआईटी की तरफ से दोषियों के तौर पर बादल और सैनी के विरुद्ध चालान पेश करने के उपरांत अब सुखबीर बादल और सैनी का खुला घूमना ठीक नहीं है क्योंकि इन दोनों प्रभावशाली दोषी जांच को प्रभवित कर सकते हैं |

भगवंत मान ने एसआईटी की जांच रिपोर्ट पर तसल्ली तो जताई परंतु चालान पेश करने में दिखाई देरी पर सवाल भी उठाए। मान ने दोष लगाया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह निजी और राजनैतिक तौर पर बादल परिवार के पहरेदार के तौर पर काम कर रहे हैं| यदि कैप्टन चाहते तो 2017 में सरकार बनाने के तुरंत बाद सुखबीर सिंह बादल, सुमेध सैनी और अन्य को इस गुनाह के बदले कब के सलाखों के पीछे धकेल चुके होते।

भगवंत मान ने कहा कि कैप्टन और केंद्र की मोदी सरकार ने लोक सभा चुनाव -2019 के गुजरने के लिए बेअदबी मामले में बादल परिवार पर पूरी मेहरबानी रखी| क्योंकि जो चालान अब पेश हुआ है यह काफी पहले हो जाना था|

भगवंत मान ने कहा कि कुंवर विजय प्रताप सिंह की बदली भी एसआईटी की जांच रिपोर्ट और चालान लटकाए जाने की नीयत से उठाया गया ‘सरकारी’ कदम था।

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