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स्वराज इंडिया ने गांव में शराब के ठेके खोले जाने पर शर्त लगाने सम्बन्धी फैसले का स्वागत किया

हरियाणा मंत्रिमण्डल की बैठक में फैसला लिया गया है कि गांव में शराब का ठेका खोलने के लिए ग्राम पंचायत की सहमति की जगह ग्राम सभा की सहमति का प्रावधान किया जाएगा। यदि 10 फीसदी मतदाताओं ने विरोध किया तो उस गांव में ठेका नहीं खोला जाएगा।

योगेन्द्र यादव  ने गांव में शराब के ठेके खोले जाने पर शर्त लगाने सम्बन्धी हरियाणा मंत्रिमंडल के फैसले  का स्वागत किया है।

उन्होंने कहा कि स्वराज इंडिया ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान ग्राम सभा की सहमति के बाद ही ठेका खोलने की मांग उठाई थी। उसी दिशा में सरकार का यह कदम महत्वपुर्ण है।

हरियाणा मंत्रिमण्डल की बैठक में फैसला लिया गया है कि गांव में शराब का ठेका खोलने के लिए ग्राम पंचायत की सहमति की जगह ग्राम सभा की सहमति का प्रावधान किया जाएगा। यदि 10 फीसदी मतदाताओं ने विरोध किया तो उस गांव में ठेका नहीं खोला जाएगा।

राजीव गोदारा (अध्यक्ष, स्वराज इंडिया, हरियाणा) ने मंत्रिमण्डल के फैसले का स्वागत करते हुए सरकार से अपील की है कि हरियाणा की जनता को इस फैसले की जानकारी तुरन्त मुहैया करवाई जाए। यदि कानून व नियमों में जरूरी संशोधन तुरन्त नहीं हो पाता तो ग्राम सभा के प्रस्ताव की समय सीमा 31 दिसम्बर से आगे बढ़ाई जाए।

स्वराज इंडिया, हरियाणा की तरफ से जारी बयान में योगेन्द्र यादव ने कहा कि पिछले साल गांव में शराब का ठेका खोले जाने के नियमों का दुरुपयोग करते हुए ग्राम पंचायतों के प्रस्ताव की अवहेलना कर ठेके खोले गए।

उन्होनें कहा कि गांव में अवैध शराब की बिक्री का हवाला देकर ग्राम पंचायत के प्रस्ताव को नकार दिया गया था। योगेन्द्र यादव ने उम्मीद व्यक्त की है कि सरकार अपने कल के निर्णय के अनुसार यह भी सुनिश्चित करेगी कि ग्राम सभा द्वारा शराब का ठेका न खोले जाने के प्रस्ताव को अवैध शराब बनाये जाने के मामलों का हवाला देकर रद्दी की टोकरी में नहीं डाल दिया जाएगा।

राजीव गोदारा ने सरकार से अपील की  कि कल के फैसले अनुसार कानून में यह भी संशोधन  किया जाए कि गांव में किसी व्यक्ति द्वारा किये जा रहे गैर कानूनी काम को ग्राम सभा के प्रस्ताव को रद्द करने का आधार नहीं बनाया जा सकेगा।

इस सम्बंध में मौजूद कानून अथॉरिटी को असीमित अधिकार देता है। इसके अनुसार किन्हीं दो चार लोगों के गैर कानूनी काम (जिसकी उन्हें सजा मिलनी चाहिए) की सजा ठेका खोल कर पूरे गांव को दे दी जाती है।

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