भाजपा-कांग्रेस के बागी: क्या खेल बिगाड़ेंगे ?

भाजपा के बागी क्या खेल बिगाड़ेंगे ?

शिमला: प्रदेश की प्रमुख पार्टियों ने जैसे ही उम्मीदवारों की घोषणा की इन पार्टियों के बाग़ी नेताओं ने बग़ावत का बिगुल बजा दिया है| भाजपा हो या कांग्रेस इस वक्त दो दर्जन से अधिक बागी निर्दलीय ही मैदान में कूदने का ऐलान कर चुके हैं| बाग़ी नेताओं के तेवर देख कर प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के आकाओं के होश फाख्ता हो गये है | अगर ये लोग जीत हासिल करते हैं तो सता सुख का सपना देख रही कांग्रेस-भाजपा का खेल बिगाड़ सकते हैं|

इस वक्त अगर बग़ावत के हिसाब से देखें तो भाजपा सबसे ज़्यादा नुकसान झेल रही है | पार्टी के आठ नेताओं ने तो साल के शुरुआत मे ही पार्टी का दामन छोड़ दिया था| हाल ही 40 साल से पार्टी के हमकदम चले खुशीराम बलनाहटा ने भी पार्टी को अलविदा कह दी| कुल मिला कर टिकट न मिलने से नाराज़ 4 नेता (सुधा सुशांत,राकेश पठानिया,राजेंद्र राणा और रूप दास कश्यप) निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं तो सात हिमाचल लोकहित पार्टी का दामन थाम कर चुनाव लड़ रहे हैं|  पार्टी को अलविदा कह कर और पार्टी प्रत्याशियों मे खिलाफ मैदान में उतरे भाजपा के बाग़ियों ने न केवल पार्टी की साख को बट्टा लगाया है बल्कि पार्टी के लिए मुसीबत भी खड़ी की है|

उधर इस बारे में जब पार्टी प्रवक्ता गणेश दत से बात की गई तो उनका कहना था की आला नेता बाग़ियों के संपर्क मे है और उनको समझाने का काम जारी है फिर भी वह नही मानते तो उससे पार्टी पर कोई ज़्यादा असर नही होने वाला |

बागी नेता न केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस के लिए भी मुसीबत बने हैं| पूर्व मंत्री सीन्घी राम (रामपुर), ओ पी रतन (राकापा / ऊना) ,प्रेमलता ठाकुर ( पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर की पत्नी) , तिलक राज शर्मा ( पूर्व विधायक / बिलासपुर) और हरभजन सिंह भज्जी ( पूर्व विधायक शिमला) ने निर्दलीय ही चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है जो पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों को नुकसान पहुचा सकता है|

कांग्रेस अध्यक्ष , वीरभद्र सिंह के मुताबिक पार्टी के इन नेताओं का गुस्सा जायज़ है लेकिन इससे कांग्रेस पर ज़्यादा असर नही पड़ेगा|

खैर बागी और आज़ाद उम्मीदवार कांग्रेस- भाजपा को कितना नुकसान पहुचाएंगे ये तो चुनाव नतीजे ही बताएँगे लेकिन इनको इतना कम आँकना भी अकलमंदी नही है| इससे पहले भी आज़ाद उमीदवार और बागी सरकारें बनाते आए हैं | राकेश पठानिया को टिकट ना दे कर भाजपा पहले भी खामियाजा भुगत चुकी है | अबकी बार जिन बागी नेताओं ने पार्टी छोड़ कर हिलोपा स्थापित की है वह भी कुछ सीटों पर पार्टी को अपनी अहमियत बताने वाले हैं|

Rebels, BJP, Congress, Himachal Pradesh

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