एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत कर भी बेरोजगार है हरीश !

  • एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत कर भी बेरोजगार है हरीश !
  • उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है ।
  • पिता किराए का ऑटो चलाते हैं और माँ और बुआ लोगों के घरों में बर्तन मांज कर घर का गुजारा चला रहे हैं

img_20180909_071955एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीत कर देश का नाम रौशन करने वाले हरीश कुमार अभी भी बेरोजगार है।

उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है ।
हरीश के पिता किराए का ऑटो चलाते हैं और माँ और बुआ लोगों के घरों में बर्तन मांज कर घर का गुजारा चला रहे हैं ।भाई मजनू का टीला में चाय की दुकान चला रहा है । परिवार में उसकी एक बहन और एक छोटा भाई है जो दृष्टिहीन है। हरीश की मां इंदिरा देवी और उनकी बुआ का कहना है कि हरीश को नौकरी मिल जाए तो परिवार का गुजारा चलाना आसान हो जाये।
हरीश ने बताया कि उनके परिवार के आय का स्त्रोत काफी कम है। खेल की प्रेक्टिस करने के अलावा वह कभी पिता का ऑटो चलाकर तो कभी भाई की चाय की दुकान पर बैठकर भाई की मदद करते हैं ।

कोई मदद के लिए नही आया आगे

हरीश के पिता मोहनलाल जसवाल का कहना है कि बेटे ने जब खेल की शुरुआत की तो कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। वह टायर ट्यूब को काटकर बॉल बनाता था और छोटे से पार्क में दिनभर खेलता था। एशियन गेम्स में सेपकटकरा खेल -जिसे वॉलीबॉल की तरह पैरों से खेला जाता है -मैं उस ने कांस्य पदक जीता

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