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जीभी और तीर्थन घाटी : हिमाचल के अछूते पर्यटन स्थल

जीभी और तीर्थन घाटी : हाल के वर्षों में जीभी देसी-विदेशी पर्यटकों के काफी लोकप्रिय हो गई है। यहाँ अब काफी संख्या में निजी बजट होटल , गेस्टहाउस या होमस्टे उपलब्ध हैं।

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Jibhi and Tirthan valleys are Himachal’s virgin tourist places located in Kullu district. Far from the maddening crowds, this valley awaits tourists with open arms. Contact Kullu tourist helpline at 01902-226221

 

जीभी और तीर्थन घाटी
Courtesy: Facebook

कुदरत ने हिमाचल में जी भरके अपना खज़ाना लुटाया है। आधुनिकीकरण के बावजूद भी जीभी और तीर्थन घाटी जैसे कई ऐसे अछूते पर्यटन स्थल है जो अपने पवित्र ,साफ़ और अद्भुत नज़ारों के कारण बरबस ही पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करते हैं।

प्रदेश के कुल्लू जिला की बंजार तहसील की जीभी और तीर्थन घाटियां उन दर्जनों पर्यटन स्थलों में एक हैं जहाँ कुदरत खुली बाँहों से आपका इंतज़ार कर रही है।

अगर आप अनछुए कुदरती नज़ारों की तलाश में हैं तो जीभी घाटी आपके लिए सर्वोत्तम जगह है। जीभी हरे-भरे जंगलों के बीच खूबसूरत पहाड़ों से घिरा हुआ एक पहाड़ी गाँव है।

जीभी और तीर्थन घाटी प्रियजनों के साथ शांतिपूर्ण पल बिताने के लिए सही जगह है

हिमाचल प्रदेश का ये अनूठा पर्यटन स्थल औद्योगीकरण से अछूता है।

घने देवदार के जंगल, शांत ताजे पानी के झरने और प्राचीन मंदिर जीभी की खूबसूरती को चार चाँद लगा देते हैं।

आप जीभी पहुंचने के बाद मंत्रमुग्ध हो जाएंगे और आपका मन यहाँ से जाने को नहीं करेगा।

आप यहां ताज़ी हवा में सांस ले कर, प्रकृति की गोद में पक्षियों की मीठी आवाज़ों को सुनते हुए  चाय का एक कप हाथ में थामें बस नज़ारा लीजिये।

यहाँ के गांवों की वास्तुकला बहुत कुछ कहती है ।इस घाटी के खूबसूरत विक्टोरियन स्टाइल कॉटेज आपको महसूस कराएंगे कि आप विक्टोरियन काल में रह रहे हैं।

जीभी के अधिकांश घर पत्थर और लकड़ी से बने हैं। सेब और खुबानी के बाग इस हिमालयी गाँव के हर घर को सुशोभित करते हैं।

कुल मिला कर जिभी एक दर्शनीय और पुराना हिमालयी गाँव है जो तीर्थन नदी के किनारे बसा है। तीर्थं नदी ब्यास दरिया की सहायक नदी है।

हाल के वर्षों में जीभी देसी-विदेशी पर्यटकों के काफी लोकप्रिय हो गई है। यहाँ अब काफी संख्या में निजी बजट होटल , गेस्टहाउस या होमस्टे उपलब्ध हैं।

आपको यहाँ ठहरने के लिए आसानी से 1000 से 1200 रूपये किराये पर कमरा मिल सकता है।

कैसे पहुंचे जीभी घाटी

जीभी और तीरथन घाटी सड़क सड़क मार्ग से जुडी है। अगर आप अपनी गाड़ी से यहाँ पहुंचना चाहते हैं तो आपको लगभग 500 किमी का सफर करना होगा। दिल्ली से इस घाटी तक पहुंचते 12 घंटे का समय लग जाता है।

अगर आप बस से आ रहे हैं तो मंडी के बाद ऑट नमक जगह पर उतर जाएँ।

आपको यहाँ से टेक्सी या पिकअप की सुविधा मिल जाएगी। आप मंडी के स्थान पर शिमला वाया नारकंडा मार्ग से भी यहाँ पहुँच सकते हैं। लेकिन यह मार्ग थोड़ा कठिन हैं।

हवाई यात्रा से कैसे पहुंचें

जीभी से निकटतम हवाई अड्डा भुंतर है, जो लगभग 50 किमी दूर है । भुंतर से जिभी जाने के लिए आपको कैब या बस लेनी होगी।

लेकिन कुल्लू क्षेत्र में मौसम में उतार-चढ़ाव को देखते हुए हवाई अड्डे की सीमित कनेक्टिविटी है और परिचालन में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है।

कब जाएँ जीभी और तीर्थन घाटी

गर्मियों में : मार्च-मई के दौरान, जीभी का तापमान सुखद होता है, और शायद ही कभी 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाता हो ।
मानसून : जून-सितम्बर के दौरान मूसलाधार बारिश और भूस्खलन हो सकता है। अक्सर पहाड़ी सड़कों को अवरुद्ध हो जाती हैं।
शरद ऋतु: अक्टूबर-नवंबर सुबह ज्यादातर सुखद होते हैं लेकिन रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस -25 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। दिसंबर से फरवरी के बीच यहाँ पर बहुत ठंड पड़ती है। दिन का तापमान 5 से 15 डिग्री के बीच होता है

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