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ब्रिटिश सरकार जलियांवाला बाग हत्याकांड पर तुरंत माफी माँगे : जी.के.

जनरल डायर ने यह नरसंहार अपनी मर्जी से नहीं ब्रिटिश हुकूमत के आदेश के तहत किया

जलियांवाला बाग नरसंहार भारतीय आजादी आंदोलन की धुरी था। दरअसल ब्रिटिश सरकार इस नरसंहार से पंजाबीयों को डराना चाहती थी।पर इस कत्लेआम ने आम पंजाबीयों के दिलों में आजादी की चाहत को ओर मजबूत कर दिया था

नई दिल्ली : जलियांवाला बाग नरसंहार के लिए माफी मांगना ब्रिटिश सरकार की जिम्मेदारी बनती है क्योंकि जनरल डायर ने यह नरसंहार अपनी मर्जी से नहीं ब्रिटिश हुकूमत के आदेश के तहत ही किया होगा। यह विचार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के. ने ब्रिटिश सदन हाउस आॅफ लार्डस में अपने संबोधन के बाद व्यक्त किए।
जी.के. ने कहा कि जलियांवाला बाग नरसंहार भारतीय आजादी आंदोलन की धुरी था। दरअसल ब्रिटिश सरकार इस नरसंहार से पंजाबीयों को डराना चाहती थी।पर इस कत्लेआम ने आम पंजाबीयों के दिलों में आजादी की चाहत को ओर मजबूत कर दिया था। ब्रिटिश सरकार द्वारा अपनी गलती की माफी मांगना मारे गए बेगुनाह पंजाबीयों को 100 साल बाद इन्साफ देने जैसा होगा।
जी.के. ने साफ कहा कि जनरल डायर को गोली मारकर हालाँकि शहीद ऊधम सिंह ने बेगुनाहों के कत्ल के इन्साफ की नींव रख दी थी। पर नरसंहार की असल दोषी ब्रिटिश हुकूमत अपनी सिद्धांतक जिम्मेदारी लेने से भगोड़ी रहीं हैं।ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे को कामागाटामारू धटना के लिए कैनेडा सरकार द्वारा 2014 में मांगी गई माफी की तर्ज पर माफी मांगने की भी जी.के. ने सलाह दी।
जलियांवाला बाग शताब्दी स्मरणोत्सव कमेटी के मुख्य सरप्रस्त जी.के. ने ब्रिटिश सदन में अपनी बात रखने के बाद साउथहाल गुरुद्वारा में मात्था टेककर अकाल पुरख का शुक्राना अदा किया। गुरुद्वारा प्रबंधकों की तरफ से जी.के. को सिरोपा देकर भी सम्मानित किया गया।

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