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राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2019 पर बहस जारी

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2019 :विद्यालय और उच्च शिक्षा के स्तर में बड़े सुधार

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सरकार ने राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2019 के प्रारूप पर लोगों से टिप्‍पणियां और सुझाव प्राप्‍त करने की अंतिम समयसीमा एक महीना बढ़ाई

सरकार राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2019 के प्रारूप पर लोगों से टिप्‍पणियां और सुझाव प्राप्‍त करने की अंतिम समय सीमा एक महीना और बढ़ाएगी।

मौजूदा समय सीमा इस महीने की 30 तारीख को समाप्‍त होने वाली थी।

राज्‍यसभा में पूरक प्रश्‍नों के उत्‍तर में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि यह एक महत्‍वपूर्ण मुद्दा है और पिछले चार वर्षों में मंत्रालय ने इस नीति को लेकर व्‍यापक चर्चा की है।

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस सदस्‍य डेरेक ओ ब्रायन ने यह मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि प्रस्‍तावित नई शिक्षा नीति के बारे में राज्‍य सरकारों के साथ विचार-विमर्श नहीं किया गया है।

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति के प्रारूप में शिक्षा तक लोगों की पहुंच, समता, गुणवत्‍ता, किफायत और जवाबदेही जैसी मौजूदा चुनौतियों से निपटने की बात कही गई है।

नई शिक्षा निति में विद्यालय और उच्च शिक्षा के स्तर में बड़े सुधार

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति 2025 तक प्राथमिक विद्यालय स्‍तर पर सभी बच्‍चों को आरंभिक साक्षरता प्रदान करने को सर्वोच्‍च प्राथमिकता देती है

राष्ट्रपति ने राज्यपालों से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए अपने राज्यों में विषय आधारित आभासी सत्र आयोजित करने को कहा।

उन्होंने कहा कि इन सत्रों से प्राप्‍त सुझावों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे के विचार और उपयोग के लिए शिक्षा मंत्रालय को भेजा जा सकता है।

श्री कोविंद ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उच्च शिक्षा के स्तर पर नई नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कुलपति और शिक्षकों के खाली पदों को भरने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नीति की सफलता राज्यों और केंद्र दोनों के सम्मिलित प्रयासों पर निर्भर करेगी।

उच्‍च शिक्षा में परिवर्तन लाने में नई शिक्षा नीति 2020 की भूमिका विषय पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा इस सम्मेलन का आयोजन किया गया।

नई शिक्षा नीति -2020 पिछली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के 34 वर्षों के बाद आई है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्‍य विद्यालय और उच्च शिक्षा के स्तर पर बड़े सुधार लाना है।

शिक्षा नीति और शिक्षा प्रणाली, देश की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए महत्‍वपूर्ण माध्‍यम

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति की सराहना करते हुए कहा है कि यह सभी पुरानी शिक्षा नीतियों का बेहतर विकल्‍प होगी। उन्‍होंने कहा है कि नई शिक्षा नीति भारतीय युवाओं को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगी और रोजगार और नौकरियों के नए अवसर भी पैदा करेगी।

प्रधानमंत्री आज राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति पर राज्‍यपालों के सम्‍मेलन का वीडियो कांफ्रेंस के माध्‍यम से उद्घाटन कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के बारे में देशभर से मिले दो लाख से अधिक लोगों के सुझावों को इस नीति में समाहित किया गया है।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि नई नीति कंठस्‍थ करने के बजाए सीखने पर जोर देती है और वह छात्रों की विवेचनात्‍मक क्षमता को बढ़ाएगी।

उच्‍च शिक्षा में परिवर्तन लाने में नई शिक्षा नीति 2020 की भूमिका शीर्षक से आयोजित इस सम्‍मेलन का आयोजन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने किया है। नई शिक्षा नीति 1986 के शिक्षा नीति के 34 वर्षों के बाद आई है। इस नीति का उद्देश्‍य विद्यालय और उच्‍च शिक्षा के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण सुधार करना है।

इस सम्‍मेलन में राज्‍यों के शिक्षा मंत्री, राज्‍य विश्‍वविद्यालयों के कुलपति और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भाग ले रहे है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में प्रौद्योगिकी के एकीकरण से सुधारात्मक उपायों को बढ़ावा मिलेगा और सभी हितधारकों को इस तरह के उपायों का सुझाव देने की मंच की स्थापना की जाएगी।

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