शिमला में अब पत्रकारों की तीसरी यूनियन !

शिमला:शिमला में अब पत्रकारों का तीसरा संगठन खड़ा हो गया है| इससे पहले दो सामानांतर संगठन काम कर रहे हैं | हालाँकि दूसरा संगठन ज़्यादा एक्टिव नही है लेकिन अब तीसरा और खड़ा हो गया है| इसे राज्य स्तरीय संगठन का नाम दिया गया है| इससे पहले जो संगठन काम कर रहा है उसके ज़्यादातर सदस्य भी राज्य स्तरीय पत्रकार ही हैं |

तीसरा संगठन क्यों बना इसका बड़ा कारण है पत्रकारों की दो पीढ़ियों में पैदा हो रहा टकराव | नई पीढ़ी अपने से बड़ों का सम्मान नही करती तो वरिस्ठ बुजुर्गों का रोल अदा नही करते| दूसरी बात जो इन संगठनों के बनने से उजागर होती है वह ये की दुनिया को पाठ पढ़ाने वाले पत्रकार खुद एकता का पाठ नही पढ़ते और आपस मे ही उलझे रहते हैं |

खैर शिमला के मामले में बात कुछ और है| शिमला प्रदेश की राजधानी है और वहाँ  हर अख़बार-टीवी के रिपोर्टर मौजूद हैं | प्रेस कांफ्रेस में एक-एक अख़बार से कई-कई लोग जमा हो जाते हैं जबकि खबर एक ही की छपनी होती है|ज़्यादातर देखा-देखी में उतरे है और काइयों का बॅकग्राउंड भी पत्रकारिता का नही है | और तीसरी बात जो कुछ लोगों को बुरी लगेगी वह ये दुनिया के सारे प्रोफेशन्स में रीटायरमेंट होती है लेकिन शिमला के पत्रकार कभी रिटाइर नही होते और ना ही थकते | इनके इस जज़्बे को सलाम लेकिन ये बात कई लोगों को नागवार गुजरती है  | कुल मिला कर पत्रकारों की भीड़ है | ऐसे में वैचारिक मतभेद होना लाजिमी है और टकराव भी | लेकिन इसका ये मतलब नही की अगर विचार ना मिलें तो अलग से संगठन ही खड़ा कर लिया जाए | इससे पत्रकारों और पत्रकारिता को ले कर ग़लत संदेश जा रहा है | और जब आप संगठित ना हों तो आपकी कमज़ोरी उजागर होती है |

नये संगठन के कर्ता-धर्ताओं को हमारी शुभकामनाएँ |

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