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स्पीति का बर्फानी घोड़ा अब नहीं होगा गायब !

हिमाचल सरकार स्पीति के इस अनोखे बर्फानी घोड़े की नस्ल को बचाने के लिए लारी में एक प्रजनन केंद्र संचालित कर रही है। जानिए मंगोलिया और तिब्बत के घोड़ों के वंशज इस दमदार पहाड़ी घोड़े के बारे में।

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स्पीति का बर्फानी घोड़ा
The legendary Spiti Horse

तस्वीर में आप जिस घोड़े को देख रहे हैं वह कोई मामूली घोडा नहीं है। ये स्पीति का अनोखा बर्फानी घोड़ा  है और मंगोलिया और तिब्बत में पाए जाने वाले खास घोड़ों का वंशज है।

हिमाचल में इस घोड़े को चमुर्थी घोड़े (Spiti Horse) के नाम से भी पुकारते हैं।

इसका नाम स्पीति नदी पर पड़ा और इस नस्ल के घोड़े पहाड़ों में बहुत लोकप्रिय हैं। खासकर लाहौल-स्पीति , किन्नौर,लद्दाख ,कुल्लू आदि ज़िलों में इन घोड़ों की जबरदस्त मांग है।

इसलिए भी क्योंकि ये छोटा घोडा खुद को कठिन पर्वतीय भूगौलिक परिस्थियों के मुताबिक ढाल चुका है और ठन्डे पहाड़ों में सामान्य घोड़े कामयाब नहीं हैं।

लेकिन गुजरते वक्त के साथ इन खास घोड़ों की संख्या अब लगातार घट रही है। आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो दशकों में इन घोड़ों की सांख्य करीब चार हज़ार आंकी जाती रही है।

हिमाचल सरकार चला रही है स्पीति के बर्फानी घोड़े का प्रजनन केंद्र

स्पीति हॉर्स या चमुर्थी घोड़ों की नस्ल को बचानें के लिए हिमाचल सरकार निरंतर प्रयास करती आ रही है। इस दुर्लभ प्रजाति के घोड़ों के प्रजनन के लिए दुर्गम स्पीति इलाके में एक प्रजनन केंद्र स्थापित किया गया है।

पशुपालन विभाग ने इन बर्फानी घोड़ों का वजूद बचाए रखने के लिए लाहौल स्पीति जिला के लारी (स्पीति) में 2002 में इस केंद्र की स्थापना की थी।

यह केंद्र स्पीति नदी से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है। यह केंद्र 82 . 12 बीघा जमीन पर बना है और इसमें 60 घोड़ों को रखने की क्षमता है।

घोड़ों को 20 -20 के समूह में रखा जाता है। इसके अलावा प्रजनन के लिए विशेष रूप से तैयार चार घोड़ों के लिए स्टैलियन शेड भी निर्मित किया गया है।

इस प्रजनन केंद्र में घोड़ों को कुदरती वातावरण प्रदान करने के लिए अलग से एक चरागाह भी है जहाँ घोड़े खुले में विचरते हुए देखे जा सकते हैं।

इस प्रजनन केंद्र में पशुपालन विभाग के कुल दो दर्जन कर्मचारी कार्यरत हैं जिनमें पशु चिकित्सक भी शामिल हैं।

लारी प्रजनन केंद्र में मौजूदा समय में 67 चमुर्थी घोड़े रखे गए हैं। इनमें 23 युवा स्टैलियन (stallion )और 44 ब्रूडमेयर्स (broodmare) हैं। इस प्रजनन केंद्र में पैदा होने वाले घोड़ों को हर साल नीलामी के जरिये बेचा जाता है।

आधिकारियों के मुताबिक एक व्यस्क स्पीति हॉर्स की औसत कीमत तीस से चालीस हज़ार रूपये होती है। हालाँकि इस केंद्र में पैदा किया गया एक घोड़ा 2017 में 75 हज़ार रूपये में बिका था.

राज्य सरकार के प्रयासों के चलते ही इस बर्फानी घोड़े की नस्ल को विलुप्त (गायब) होने की कगार से बचाया जा सका है। राज्य में पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कँवर के मुताबिक हिमाचल में चमुर्थी (स्पीति हॉर्स )की कुल संख्या चार हज़ार के आस-पास है।

एक साल में पैदा होता है चमुर्थी घोडा और एक साल तक पीता है माँ का दूध

इस प्रजनन केंद्र में हर साल करीब 15 फॉल (घोड़े के बच्चे ) पैदा होते हैं। सामान्य चमुर्थी घोड़ी गर्भ धारण करने के लगभग एक साल बाद (11 -12 महीने ) एक बच्चे को जन्म देती है। फॉल को एक साल तक मां का दूध पिलाया जाता है।

नियम के मुताबिक चमुर्थी घोड़ी के बच्चे के जन्म के एक महीने के बाद ही उसका पंजीकरण किया जाता है। छह महीने की आयु में उसे दूसरे शेड में रखा जाता है और एक साल तक उसकी खूब देखभाल की जाती है।

बच्चा एक साल तक ही इस केंद्र में रहता है उसके बाद उसे बेच दिया जाता है। बड़ी उम्र की या जयादा संख्या हो जाने पर चमुर्थी घोड़ियों को भी बेच दिया जाता है।

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