हिमाचल कांग्रेस में परिवारवाद: 38 फीसदी उम्मीदवार पार्टी नेताओं के रिश्तेदार

राहुल गाँधी-सोनिया गाँधी: परिवारवाद की मिसाल

शिमला: नॉर्थ इंडिया टाइम्स ने विधानसभा चुनाव मैदान मे उतरे उम्मीदवारों की पारिवारिक पृष्टभूमि ख़ासकर कांग्रेस, का अध्ययन करके पता लगाया है की कांग्रेस के 38 फीसदी उम्मीदवारों का ताल्लुक पार्टी से ज़ुड़े पुराने नेताओं से है|

पार्टी ने 18 ऐसे उमीड़वारों को दोबारा टिकट दिया है जिनका ताल्लुक परिवारवाद से है | अबकी बार कांग्रेस के 8 नये चेहरे भी पार्टी के सीनियर नेताओं के बच्चे हैं| यानी पार्टी में धीरे- धीरे परिवारवाद की राजनीति की जड़ें गहरी हो रही हैं और आम परिवारों से ताल्लुक रखने वाले लोगों के लिए  चुनाव लड़ने के अवसर कम होते जा रहे हैं |

अबकी बार पार्टी ने जिन आठ नये चहरों को टिकट दिया है उनमे विनोद सुल्तानपुरी (7 बार सांसद रहे कृशन दत सुल्तानपुरी के बेटे), तारा ठाकुर (कांग्रेस सरकार में मंत्री मोति राम की पुत्री), भुवनेश्वर गौड़ ( कांग्रेस के मंत्री राज कृष्ण गौड़ के पुत्र) , यादविंद्र गोमा ( कांग्रेस नेता मिल्खी राम गोमा के बेटे), रवि ठाकुर ( कांग्रेस नेता लता ठाकुर के बेटे) , अजय महाजन ( पूर्व कांग्रेस सरकार में मंत्री सत महाजन के बेटे)  और विनय कुमार ( रेणुका के विधायक ड़ा प्रेम सिंह के बेटे) हैं जो परिवारवाद के कारण ही टिकट का प्रसाद पा गये हैं | हालाँकि वीरभद्र सिंह अबकी बार ना अपनी पत्नी प्रतिभा सिंह को टिकट दिलवा पाए और ना अपने साले वीर विक्रम सेन की पत्नी विजय जयोति सेन को |

उधर भाजपा एक ऐसी पार्टी के रूप मे उभरी है जहाँ टिकट देते समय परिवारवाद को तरजीह नही दी गई है | अबकी बार मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के रिश्तेदार को टिकट नही मिला| पार्टी ने नालागढ़ में हरी नारायण सिंह सैनी के  परिवार को टिकट नही दिया |

English Tags: Himachal Congress, Virbhadra Singh, Rahul Gandhi , Vinod Sultanpuri,Tara Thakur,Bhuvneshwar Gaud,Yadvinder Goma,Ravi Thakur, Ajay Mahajan,Vinay Kumar, BJP

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