हिमाचल कांग्रेस मे जारी है शह और मात का खेल

बाली-कौल:वीरभद्र सिह के धुर विरोधी !

शिमला: पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिह हो प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद बरसों से खेमेबाजी की आग मे सुलग रही पार्टी मे अब भितरघात की चिंगारी जल उठी है| पार्टी के खेमों मे दरार कम होने के बजाए और ज़्यादा गहरी हो गई है|

मंगलवार को शिमला मे आयोजित पीसीसी की बैठक में वीरभद्र सिह मे विरोधियो की गैरमौजूदगी इस बात का प्रमाण है की विरोधी वीरभद्र सिह से दो-दो हाथ करने के मूड मे है| चौधरी वीरेंद्र सिह, कौल सिह ठाकुर, विपल्व ठाकुर, आशा कुमारी, अनिता वर्मा, जी एस बाली और कुलदीप राठौर की ग़ैरहाज़िरी इस बात का सबूत है की वह श्री सिह के अध्यक्ष बनने से खुश नही है|

उधर इस बैठक से जो अहम बात खुल कर सामने आई वो यह कि बैठक मे 23 मे से 21 विधायक,68 ब्लाक प्रधानो मे से 67 और सभी जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे| इससे ये तो साबित होता है की वीरभद्र सिह अध्यक्ष बनते ही पार्टी के पदाधिकारियों को संगठित करने में कामयाब रहे है पर विरोधी अभी भी लगाम से दूर है|

हालाँकि वीरभद्र सिह ने विरोधियों को चेताया है की भितरघात की कोशिशें करने वालों से सख्ती से निबटा जाएगा लेकिन ये सब इतना आसान नही है| कुर्सी जाने से खार खाए कौल सिह ने फिर से सीएलपी का मुद्द्दा उछाल दिया है| वह मौजूदा सीएलपी नेता विद्या स्टोक्स से ये पद छीनना चाहते है जो ना विद्या स्टोक्स को गंवारा है ना वीरभद्र सिह को|

इस वक्त वीरभद्र सिह मुश्किल मे हैं | एक तो विरोधियों को तेल पिलाने की चुनौती और दूसरी चुनाव जीतने की |

Tags: Himachal Pradesh Congress, Kaul Singh, G.S.Bali, Virbhadra Singh, factionalism

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