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श्रीलेखा मित्रा ने कहा कास्टिंग काउच सच है !

प्रसिद्ध बांग्ला अभिनेत्री श्रीलेखा मित्र आने कंगना रनौत का समर्थन करते हुए कहा है कि फिल्म उद्योग को शारीरिक शोषण और भाई भतीजावाद पर बात करनी चाहिए

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Bangla actress Sreelekha Mitra has slammed the Indian film industry for its silence on issues like casting couch

sreelekha mitra says casting couch exists
Sreelekha Mitra

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड में तूफान मचा हुआ है। अभिनेत्री कंगना रनौत ने एक तरफ जहां भाई -भतीजावाद ,परिवारवाद और महिला कलाकारों से जुड़े हुए मुद्दे को उजागर किया है वही सोनू निगम जैसे जाने-माने गायक ने म्यूजिक इंडस्ट्री में होने वाले भाई भतीजावाद और सौतेले व्यहार को उजागर किया है। लोग सलमान खान और शाहरुख खान जैसे कलाकारों पर भी कीचड़ उछाल रहे हैं।

Read : मेरे साथ हुई थी शारीरिक छेड़खानी उसने अपने होंठ .:  कँगना रनौत

अब बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के बाद प्रसिद्ध बांग्ला अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा ने भी फिल्म उद्योग में भाई भतीजावाद ,सेक्सिसम, परिवारवाद और शारीरिक शोषण यानी कास्टिंग काउच को लेकर सवाल उठाया है।

श्रीलेखा ने कहा है कि शारीरिक शोषण एक गंभीर अपराध है बावजूद इसके धड़ल्ले से अभिनेत्रियों को कास्टिंग काउच का शिकार होना पड़ता है।


श्रीलेखा ने कहा कि इन मामलों पर फिल्म उद्योग में चर्चा करने की जरूरत है क्योंकि जब तक महिलाओं को आजादी से काम करने की छूट नहीं मिलेगी तब तक कोई भी उद्योग तरक्की नहीं कर सकता।

Sreelekha Mitra wrote following  lines on her Facebook Wall

Dear Friends,

The issue of nepotism, sexism , patriarchy and systemic abuse is far more important than equations of personal loss or gain in the film industry.

With due respect to the prominent personalities I have named, my focus lies on the issues that plague our society. Sexual assault is a punishable offence, however denying women their rightful place in the workplace due to exploitation is not debated. As a society we cannot move forward unless merit ,talent and hard work is appreciated and recognized irrespective of creed, class or gender.

I hope my colleagues in the film industry can open their minds and take a fair view on this. I sincerely hope there will be a day not long from now when no woman will say – me too. When opportunity will not be restricted to selected few, when everyone will be equal.

It was not my intention to hurt anyone, But to quote George Orwell

During times of universal deceit. Telling truth becomes a revolutionary act

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