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चंडीगढ़ के इन जानलेवा पेड़ों से जरा बच के !

खोखले तने और कमज़ोर जड़ों से उखड़ रहे हैं पेड़

सुनने में यह कुछ अटपटा जरूर लग सकता है ……..लेकिन यह सच है। चंडीगढ़ में लगे ज्यादातर पेडों के तने या तो खोखले हो चुके हैं या उनकी जड़ें कमज़ोर है।

दोस्तो इस वीडियो में हम आपको बता रहे हैं भारत के प्रमुख शहर चंडीगढ़ के एक ऐसे कुदरती खतरे के बारे में जो आपकी जान ले सकता है।

..और वह खतरा है हरे और खूबसूरत पेड़ जो देखने में लुभावने जरूर लगते हैं लेकिन खतरनाक हैं।

सुनने में यह कुछ अटपटा जरूर लग सकता है ……..लेकिन यह सच है। चंडीगढ़ में लगे ज्यादातर पेडों के तने या तो खोखले हो चुके हैं या उनकी जड़ें कमज़ोर है।

ऐसे पेड़ लगातार गिरकर इंसान के किए खतरा बन रहे हैं।

सिटी ब्यूटीफुल के नाम से जाने जाने वाले चंडीगढ़ शहर की गिनती भारत के सबसे ज्यादा हरे-भरे शहरों में की जाती है।

इस शहर के कई हिस्सों में जबरदस्त हरियाली देखने को मिलती है ।

चाहे वह पार्क हों , नेशनल हाईवे या फिर सेक्टर लिंक रोड…चंडीगढ़ के चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आती है।

लेकिन क्या आपको पता है कि चंडीगढ़ के ये हरे- भरे पेड़ जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।

दोस्तो चंडीगढ़ में पेड़ों की 22 से अधिक किस्में देखी जा सकती है। जिनमे खास हैं आधुनिक नीम ,महोगनी, नीम,कुसुम, बिशप वुड, सॉसेज ट्री, बहेरा ,स्कॉलर ट्री ,कनकचंपा,मरोड़ फली ,कैम,पिलखन,अर्जुन,और सफेदा ।

महोगनी और नीम की प्रजाति के पेड़ ज्यादा खतरनाक हैं क्योंकि अक्सर इनके तने खोखले होते हैं और तूफान में सबसे पहले सड़क पर आकर गिरते हैं।

इसलिए अगर आप चंडीगढ़ में हैं और वहां बारिश या तूफान आने की संभावना है तो आप इन पेड़ों से दूर रहिए ।

न केवल खुद बल्कि इन पेड़ों के नीचे अपनी कार भी खड़ी ना करें।

अक्सर देखा गया है कि चंडीगढ़ में तेज हवाओं के चलते ही पेड़ गिरने लगते हैं।

जमीन से उखड़ते पेड़ अब तक दर्जनों गाड़ियों को नुकसान पहुंचा चुके हैं।

आंधी तूफान के समय पेड़ सड़कों पर गिर जाते हैं जिससे यातायात ठप हो जाता है और बिजली की तारें टूट जाती हैं |

दोस्तो हम आपको खबरदार कर रहे हैं कि बारिश और तूफान के समय इन हरे भरे पेड़ों से दूर रहें क्योंकि इनकी कोई टहनी या तना टूटकर आपकी जान ले सकता है।

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