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कोरोना वायरस के लक्षण ,परहेज और बचाव

कोरोना वायरस से बचाव सिर्फ परहेज से ही संभव है। सामाजिक दूरी बनाकर ,mask पहनकर और हाथ धोकर बचा जा सकता है।अपनी immunity मजबूत करें। छींकते समय नाक पर रुमाल रखें

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covonavirus ke lakshan
कोरोना वायरस के लक्षण

देश में अनलॉक शुरू हो गया है जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ा है. ऐसे में कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव करना जरुरी है

जब से दुकानों ,रेस्टोरेंट्स और शॉपिंग मॉल्स  में लोग कोरोना संक्रमण प्रतिबंधों को नजरअन्दाज कर रहे हैं.

कई लोग बगैर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए संक्रमण को बुलावा दे रहे हैं.

यही कारण है कि देश में कोरोनावायरस संक्रमण से होने वाली मौत के आंकड़े बढ़ रहे हैं.

हमें याद रखना चाहिए कि लाॅकडाउन खत्म हुआ है कोरोना का खतरा नहीं .

इस समय हमें ज्यादा सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है. डरने या भ्रमित होने की बजाए जरूरत सजग व सतर्क रहने की है.

ऐसे फैलता है कोरोना वायरस संक्रमण

WHO के अनुसार कोरोना वायरस, संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है .

छींकने और खांसने से हवा में गिरे बारीक कण वायरस फैलाते हैं. इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं.

संक्रमित व्यक्ति के नजदीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते हमारेे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं.

लेकिन कोरोना वायरस आसानी से शरीर से बाहर नहीं निकलता. ऐसे में सिर्फ एहतियात बरत कर ही कोरोना वायरस से बचा जा सकता है.

ऐसे करता है कोरोना वायरस हमला

कोरोनावायरस हमारे शरीर में दो तरह से हमला करता है.

एक संक्रमित व्यक्ति द्वारा छींकने या खांसने के बाद छोड़े गए कण को सांस के जरिये भीतर खींचने से.

और दूसरे उस जगह को छूकर जहां संक्रमित व्यक्ति ने छींक या खांसकर विषाणु के छींटे गिराए हों.

इसलिए सार्वजनिक जगहों पर या संक्रमित व्यक्ति के कमरे वाली किसी भी चीज को हाथ न लगाएं.

संक्रमण फैलाने वाले कण हाथ में चिपक जाते हैं . जैसे ही हम आंख ,मुह या नाक को छूते हैं कोरोनावायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर जाता है.

कोरोनावायरस के करण हमारे गले की कोशिकाओं में चिपक जाते हैं.

खून में आक्सीजन पहुंचने से रोकता है कोरोना वायरस

वायरस कोशिकाओं में घुसकर न केवल ऊर्जा प्राप्त करता है बल्कि लगातार अपनी संख्या भी बढ़ाता है.

गले में खराश पैदा करके संक्रमित व्यक्ति तेज बुखार में तपने लगता है. इसीलिए दिन में बार-बार गर्म पानी पीने की सलाह दी जाती है.

गंभीर मामलों में जब वायरस फेफड़ों में पहुंच जाता है.

यह फेफड़ों ( lungs) में सूजन (inflammation) पैदा करता है. सूजन की वजह से फेफड़े खून में ताजी हवा नहीं भेज पाते.

सूजन की वजह से फेफड़ों में पानी भरने लगता है और सांस लेने में दिक्कत आती है.

कई मरीज़ों को सांस लेने में मदद के लिए वेंटीलेटर का सहारा लेना पड़ता है.

इसलिए रोजाना एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है। खासकर ऐसे व्यायाम करें जिससे हमारा स्वसन तंत्र मजबूत हो जैसे सैर,दौड़ और कार्डिएक.

कोरोनावायरस संक्रमण रोकने के नियमों का पालन करें

कोरोना वायरस से खुद को बचाने के लिए स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें.

मास्क का इस्तेमाल करें .दूसरे आदमी से कम से कम एक मीटर का फासला बना कर रखें.

एक स्थान पर अनावश्यक रूप से भीड़ इकट्ठी न होने दें.

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अपने हाथों पर सैनिटाइजर मलें . या साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं.

जब बाहर से घर वापस आए तो सबसे पहले अपने हाथ धोएं.

छींक आते समय टिशू या रुमाल से मुंह को ढक लें ताकि छींटे दूसरे आदमी पर ना गिरे. और कोई दूसरा व्यक्ति इससे संक्रमित न हो.

उपयोग की गई टिशू को तुंरत कूड़ेदान में डाल दें और अपने हाथ को धो लें.

खांसी या जुकाम से ग्रसित व्यक्ति से बातें करते या मिलते समय उससे करीब एक मीटर यानी तीन फीट की दूरी बनाकर रखें.

यदि किसी जगह को छूते है, तो हो सकता है कि उसमें वह वायरस हो. इसलिए नाक, आंख और मुंह को न छुएं.

अस्पताल में भी ऐसे वार्ड्स की तरफ न जाएं  जहां कोरोना वायरस के मरीज हों .

बुखार, खांसी, जुकाम हो या फिर सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत  कोरोना हेल्पलाइन पर सपंर्क करें .

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