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लॉक डाउन से विकलांगो, एकल महिलाओं और बुजुर्गों की हालत ख़राब : उषा सरोहा

कई जगहों पर फंसे बीपीएल कार्ड धारकों को ऑनलाइन राशन मुहैया नहीं

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All India Democratic Women’s Association (AIDWA) has alleged that the coronavirus induced lockdown has worsoned the plight of labourers, single women and senior citizens in India.

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने  सोमवार को  गुड़गांव में हरियाणा सरकार के खिलाफ जम कर प्रदर्शन किया और सरकार पर गरीबों और मज़दूरों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया |
राज्य अध्यक्ष उषा सरोहा सहित दूसरी महिला नेताओं ने एस . डी. एम. के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा |

उषा सरोहा ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर किए गए लाॅकडाउन ने आम जनता की तकलीफों को भयानक रूप से बढ़ा दिया है।

राज्य सरकार काफी समय से यह दावा कर रही है कि हरे कार्ड धारकों समेत हरेक जरूरतमंद परिवार को राशन डिपो से राशन मुहैया करवाया जाएगा। लेकिन जमीनी स्तर पर इन आदेशों की पालना नजर नहीं आ रही है।

यहां तक कि प्रदेश के बीपीएल कार्ड धारक जो लॉक डाउन की वजह से दूसरी जगहों पर फंसे हुए हैं उनको भी ऑनलाइन राशन मुहैया नहीं करवाया जा रहा।

विकलांगो, एकल महिलाओं तथा बुजुर्गों की स्थितियां भयावह हो रही हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद भी किराए पर रहने वाले गरीब मजदूर परिवारों पर मकान मालिक किराया देने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं।

डोमेस्टिक हेल्पर का काम करने वाली महिलाएं जिनमें एकल तथा विधवा महिलाएं भी हैं, लॉक डाउन के चलते उनकी आर्थिक स्थितियां खराब हो रही हैं।

मजदूर आर्थिक स्थितियों के दबाव में अपने घरों को वापस जाना चाहते हैं परन्तु परिवहन के साधन ढंग से सभी को मुहैया नहीं करवाए जा रहे।

शेल्टर होम्स में रह रहे प्रवासी मजदूरों को तीन वक्त का खाना भी मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। बेरोजगारी भयानक रूप से बढ़ रही है। मजदूरों की इस भयावह स्थिति के बावजूद केंद्र सरकार लोकडाऊन व महामारी की आड़ में मजदूर विरोधी कानून लागू कर मजदूरों को उनके हको से वंचित कर रही है तथा सरकारी सेवाओं का निजीकरण कर रही है।

सवैंधानिक व मानव अधिकारों के लिए काम करने वालों को गिरफ्तार करके जेलों में डाल रहे हैं।

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति द्वारा उठाई गई मांगें :

  • आयकर ना देने की श्रेणी में आने वाले सभी परिवारों के खातों में लॉकडाउन शुरू होने के बाद से प्रतिमाह 7500 रुपये का प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण किया जाए।
  • अगले 6 महीनों के लिए सभी जरूरतमंद परिवारों को प्रति व्यक्ति व प्रति माह 10 किलो अनाज मुफ्त दिया जाए।
  • पीडीएस के माध्यम से मुफ्त में सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जाए
  • काम मांगने वाले सभी लोगों के लिए 200 दिनों के लिए मनरेगा में कार्य प्रदान किया जाए।
  • नगर पंचायत क्षेत्रों में भी मनरेगा लागू किया जाए।
  • शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारों को काम प्रदान करने के लिए शहरी रोजगार गारंटी योजना को तुरंत शुरू किया जाए।
  • कोरोना वायरस महामारी के अलावा अन्य नियमित रोगियों के लिए भी उपचार सुनिश्चित किया जाए।
  • अवांछित गर्भधारण को रोकने के लिए निःशुल्क गर्भ निरोधक प्रदान की जाए
  • तीन महीने तक बिजली शुल्क माफ किया जाए
  • झूठे आरोपों में जेल गए कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए।
  • हिंसा के सभी पीड़ितों, खासकर महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  • आंगनवाड़ी में खाना बनाने वाली मदर ग्रुप की महिलाओं का पिछला बकाया मेहनताना तुरन्त दिया जाए। आंगनवाड़ी में वर्कर्स-हैल्पर्स के साथ घर-घर जाकर राशन बांटनें का काम कर रही इन महिलाओं को बीमा कवर दिया जाए तथा लाॅकडाउन के दौरान का भी मेहनताना तुरन्त दिया जाए
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