North India Times
North India Breaking political, entertainment and general news

हरियाणा में 3 दिन से ज्यादा रुकना है तो रजिस्ट्रेशन जरूरी

72 घंटों से ज्यादा समय बिताने के लिए हरियाणा सरल पोर्टल पर करना होगा रजिस्ट्रेशन

0 32

Warning: A non-numeric value encountered in /home/northcyp/public_html/wp-content/themes/publisher1/includes/func-review-rating.php on line 212

Warning: A non-numeric value encountered in /home/northcyp/public_html/wp-content/themes/publisher1/includes/func-review-rating.php on line 213

चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में बढ़ते कोविड-19 मामलों के दृष्टिगत अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के तीन दिन (72 घंटे) से अधिक के ठहराव के लिए, अंतरराज्यीय आवाजाही को कंट्रोल करने का निर्णय लिया है।

3 दिन से ज्यादा ठहरना है तो पंजीकरण

अब तीन दिन (72 घंटे) से अधिक के ठहराव के लिए हरियाणा में प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों को पोर्टल ‘www.saralharyana.gov.in’ पर स्व-पंजीकरण करवाना और आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, उन्हें इस पोर्टल पर अपना नाम, पता और मोबाइल नम्बर दर्ज करना होगा। परिवार को छोडक़र, कई पंजीकरणों के लिए एक ही मोबाइल नम्बर के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी। कारोबारी आगंतुकों को अपना विवरण देना होगा और वापसी की तिथि बतानी होगी। इसके अलावा, उन्हें प्रदेश में उन लोगों का नाम, मोबाइल नम्बर और पता भी दर्ज करवाना होगा, जिससे वे मिलना चाहते हैं।

अतिथि का भी होगा पंजीकरण

प्रदेश में आने वाले आगंतुक अपने रिश्तेदारों और दोस्तों आदि के पास रूक सकते हैं। ऐसी स्थिति में आगंतुकों की मेजबानी करने वाले व्यक्ति को तत्काल उनके पहुंचने वाले दिन ही पोर्टल ‘www.saralharyana.gov.in’ पर उनका विवरण दर्ज करवाना होगा।

उन्होंने बताया कि होटलों, अतिथि गृहों, कारपोरेट गेस्ट हाउसेज, सरकारी विश्राम गृहों और धर्मशालाओं आदि के प्रबन्धन द्वारा बाहर से आकर उनके पास ठहरने वाले आगंतुकों का विवरण उनके पहुंचने के बाद तुरंत पोर्टल पर दर्ज करना होगा। पारगमन यात्रियों (ट्रांजिट ट्रैवलर्स) को वह पता मुहैया करवाना होगा जहां वे ठहरना चाहते हैं और हरियाणा में एंट्री चैक पोस्ट का उल्लेख करना होगा। उन्हें अपनी और परिवार के सदस्यों की कोविड हिस्ट्री, यदि कोई है, का विवरण देना होगा। पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें एक आईडी नम्बर मिलेगा, जिसका इस्तेमाल आवश्यकता पडऩे पर पंजीकरण प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है।

हरियाणा में प्रवेश करने वाले व्यक्ति द्वारा कम्पेटिबल मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप इंस्टाल करने और इस पर अपना हैल्थ स्टेटस अपडेट करने का प्रमाण दिखाना होगा।

बाहर से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग 

प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे लोगों की बॉर्डर चेक-पोस्ट, रेलवे स्टेशन और बस अडडों पर स्वास्थ्य जांच की जाएगी।

इसके अलावा, जिला, शहर या गांव, जैसा भी मामला हो, जहां वह व्यक्ति जाना चाहता है, के प्रवेश बिंदु पर भी इसी तरह स्वास्थ्य जांच की जाएगी।

यदि किसी राज्य से आने वाले व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा पर रिपोर्ट करनी होगी और चिकित्सीय गंभीरता का आकलन करवाना होगा।

यदि जांच के बाद वह पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे मामले की गंभीरता के आधार पर होम आइसोलेशन, कोविड केयर सेंटर या समर्पित कोविड अस्पताल में भेज दिया जाएगा। यदि वह नेगेटिव पाया जाता है तो आगे किसी भी तरह की जांच या सेल्फ आइसोलेशन की आवश्यकता नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि यदि आगंतुक में कोविड-19 के लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो उसे सात दिन तक स्वत: निगरानी रखनी होगी। इस दौरान उसमें कोई लक्षण पाया जाता है तो उसे जिला निगरानी अधिकारी या राज्य अथवा राष्ट्रीय कॉल सेंटर या हेल्पलाइन नम्बर 1075 पर इसकी सूचना देनी होगी, जबकि गुरुग्राम के मामले में हेल्पलाइन नम्बर 1950 है।

यदि स्व-निगरानी के दौरान उनमें लक्षण दिखाई देते हैं तो जांच करवानी होगी और लक्षणयुक्त कोविड रोगियों के लिए निर्दिष्ट प्रक्रिया का पालन करना होगा।

कारोबारियों,नौकरीपेशा लोगों को छूट

प्रवक्ता ने बताया कि कारोबार या व्यापार से जुड़ी गतिविधियों के लिए तीन दिन की अवधि के लिए हरियाणा आने वाले सभी व्यक्तियों तथा अपनी कार्यालय ड्यूटी या कारोबारी गतिविधियों के चलते दैनिक आधार पर हरियाणा आने वाले लोगों को भी ऊपर दिए गए क्वारंटीन नियमों की प्रक्रिया का पालन करने की आवश्यकता नहीं है, जब तक कि इस अवधि के दौरान उनमें लक्षण दिखाई न दें।

उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के मामले में दूरभाष नम्बर 100 पर पुलिस को सूचना देने की जिम्मेवारी जिला प्रशासन, व्यापारिक प्रशासन, मेयर, पार्षद, सरपंचों और पंचों की होगी। इसके अलावा, जनसाधारण और रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशंस को सलाह दी जाती है कि वे अपने पड़ोस में किसी व्यक्ति का पंजीकरण न होने की स्थिति में हेल्पलाइन नम्बर 100 पर पुलिस को सूचित करें।

प्रवक्ता ने बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, सह-रुग्णता (मोरबिडिटीज) वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी जाती है, जब तक की उन्हें आवश्यक तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी उद्देश्यों के लिए न निकलना पड़े।

कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ होगी कारवाई

उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को आपदा प्रबन्धन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के अनुसार सजा हो सकती है। इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 तथा इस मामले में लागू अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.