चंडीगढ़ में संत निरंकारी सत्संग

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1सन्त निरंकारी मण्डल के केन्द्रीय प्रचारक डा दर्शन सिंह ने रविवार को चण्डीगढ़ के सैक्टर 30-ऐ में स्थित सन्त निरंकारी सत्संग भवन में हुए विशाल सत्संग में हज़ारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए ।

“जब इन्सान माता के गर्भ में उल्टा लटका हुआ होता है उस समय सांस लेना भी मुश्किल होता है और उस समय चीख पुकार कर परमात्मा से यह प्रार्थना करता है कि हे प्रभु मुझे जितनी जल्दी हो सके इस गर्भ से बाहर निकालो और वायदा करता है कि मैं आपको हर समय याद रखूंगा, हर समय आपका सिमरन करूंगा लेकिन बाहर आते ही इन्सान मन को लुभाने वाली वस्तुओं के मोह माया में आकर अपने वायदे को भूल जाता है,” डा दर्शन सिंह ने कहा |

6डा सिंह ने आगे कहा कि जन्म लेने के बाद मेरी मम्मी-पापा, मेरी दादा-दादी, मेरे भाई-बहन, मेरी पढ़ाई, मेरी नौकरी, मेरी शादी, मेरे बच्चे, मेरा मकान, मेरे ऐश-ओ-आराम, मेरी धन-दौलत, आदि के चक्कर में पड़ा रहता है और सारी आयु इसी में गंवा देता है लेकिन अन्त समय जब इस संसार से जाने का समय आता है तो फिर पछतावे के सिवाए और कुछ हाथ नहीं लगता क्योंकि ये सारी धन-दौलत, सारी उपलब्धियां यहीं पर ही रह जाती हैं और अपने वायदे को भूल जाने के कारण फिर चौरासी के चक्कर में फंस जाता है ।

चौरासी के चक्कर से छुटकारे के बारे में चर्चा करते हुए डा0 सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में निरंकारी सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज से ब्रहमज्ञान प्राप्त करके ही हम इनसे छुटकारा पा सकते है और अपने जीवन के लक्ष्य की पूर्ति कर सकते हैं।

इससे पूर्व यहां के संयोजक श्री नवनीत पाठक जी ने डा0 दर्शन सिंह जी का यहां चण्डीगढ़ में पधारने पर उनके गले में दुपट्टा डाल कर उनका स्वागत किया । इस अवसर पर यहां के ज़ोनल इन्चार्ज श्री के के कश्यप ने भी डा दर्शन सिंह जी का धन्यवाद किया । इस प्रकार के प्रवचन इन्होने कल रात को पंचकुला भवन पर भी संगत में कहे थे।