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खतरे के निशान से ऊपर बह रही है सुखना !

  • चंडीगढ़ की सुखना झील में बाढ़
  • 10 साल बाद खतरे के निशान से ऊपर बहने लगा पानी
  • खोले गए दो फ्लड गेट,निचले इलाकों में पानी भरा

अक्सर पानी की कमी से जुझने वाली चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील हाल ही हिमाचल प्रदेश में हुई हिमाचल प्रदेश में हुई मूसलाधार बारिश के बाद लबालब भर गई। झील के स्त्रोतों ने झील में इतना पानी भर दिया की झील खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी।

सोमवार यानी 24 सितंबर 2018 को झील का पानी 1163 मीटर वाले खतरे के निशान को पार कर गया। प्रशासन को मजबूरन झील के दो फ्लड गेट खोलने पड़े।

सुखना झील में 10 साल बाद बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हुई है। इससे पहले वर्ष 2008 में फ्लड गेट खोले गए थे जब पानी खतरे के निशान के ऊपर बहने लगा था।

सुखना से छोड़ा गया छोड़ा गया पानी चंडीगढ़ के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत बन कर आया आया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पंचकूला और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले सकेतड़ी पुल को यातायात के लिए बंद कर दिया है।

चंडीगढ़ के निचले इलाकों खासकर झुग्गी झोपड़ी झुग्गी झुग्गी झोपड़ी बस्तियों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है ।बापू धाम कॉलोनी और दूसरे इलाकों में लोगों कॉलोनी और दूसरे इलाकों में लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है।

चंडीगढ़ प्रशासन ने पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा को भी सतर्क कर दिया है क्योंकि झील से छोड़ा गया छोड़ा गया पानी निचले इलाकों में बाढ़ ला सकता है।

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