स्वराज इंडिया पार्टी ने दिल्ली की नई इकाई घोषित की

स्वराज इंडिया पार्टी ने किया दिल्ली की नई इकाई का गठन
 
● पार्टी ने 20 सदस्यों की कार्यकारिणी का चुनाव किया है जो दिल्ली के मुद्दों और संगठन विस्तार पर करेगी काम
● 2006 में भारतीय सेना से सेवनिर्वित होकर सामाजिक कार्यो मे लगे हुए कर्नल जयवीर सिंह स्वराज इंडिया दिल्ली प्रदेश इकाई के नए अध्यक्ष चुने गए, नवनीत तिवारी होंगे महासचिव।
  • पार्टी की दिल्ली इकाई ने निशांत त्यागी को कोषाध्यक्ष चुना है व दिल्ली के कुल 5 सचिव नियुक्त किए है जिसमे सुरिंदर सिंह कोहली, निशांत त्यागी, रोहिणी, प्रवेश कुमार व सायरा खान को  जिम्मेदारी दी है
swaraj india delhi unitयोगेंद्र यादव की स्वराज इंडिया पार्टी ने अपनी दिल्ली इकाई की घोषणा कर दी है | दिल्ली इकाई का बाक़ायदा चुनाव किया गया है |

पार्टी ने 20 सदस्यों की राज्य कार्यकारिणी का चुनाव किया है जिसमे ज़्यादातर सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता है जो दिल्ली में पार्टी के संगठन का विस्तार के लिए काम करेंगे। स्वराज इंडिया के संस्थापक सदस्यों में शामिल सेवनिर्वित कर्नल जयवीर को दिल्ली का अध्यक्ष चुना गया है।

2006 में भारतीय सेना से सेवनिर्वित कर्नल जयवीर सिंह सामाजिक कार्यो मे लगे हुए हैं। पार्टी की दिल्ली इकाई के लिए महासचिव पद के लिए नवनीत तिवारी को चुना गया है जो एक लंबे समय से सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं।
पार्टी की दिल्ली इकाई ने निशांत त्यागी को कोषाध्यक्ष चुना है व दिल्ली के कुल 5 सचिव नियुक्त किए है जिसमे सुरिंदर सिंह कोहली, निशांत त्यागी, रोहिणी, प्रवेश कुमार व सायरा खान को  जिम्मेदारी दी है।
पार्टी ने अलग अलग मोर्चो का गठन भी किया है जिसमे दिल्ली देहात मोर्चा, महिला मोर्चा, जे.जे क्लस्टर दलित मोर्चा, पूर्वानचल मोर्चा, अमन कमिटी शामिल है। आने वाले समय मे पार्टी युवा मोर्चा, उत्तराखंड मोर्चा व ऑटो टैक्सी साथी मोर्चा का भी गठन करेगी।
प्रदेश महासचिव नवनीत तिवारी ने बताया की स्वराज इंडिया केवल एक पार्टी नही है ये एक मिशन है एक आंदोलन है जो केवल चुनाव लड़ने तक सीमित नही रहेगा बल्कि धर्म और जाति से ऊपर उठ कर जनता के हक की लड़ाई लड़ेगा और विकास, स्वछ राजनीति का मॉडल स्थापित करेगा।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष कर्नल जयवीर ने कहा की दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी और भाजपा की राजनीतिक नूरा कुश्ती से परेशान है जिस कारण दिल्ली में कोई भी नया विकास कार्य नही हो रहा है और इसका ठीकरा दोनों पार्टी एक दूसरे पर मंडती रहती है। कांग्रेस के भ्रष्टाचार से परेशान दिल्ली की जनता को जो नया राजनीतिक विकल्प का सपना आम आदमी पार्टी ने दिखाया था वो अब धूमिल हो चुका है।
पार्टी ने दिल्ली की हर विधानसभा में अपना संगठन तेज़ी से विकसित करने का लक्ष्य रखा हैं जिसके लिए पार्टी की नई इकाई काम करेगी।

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